‘मियां मुस्लिम बढ़ा रहे महंगाई’ वाले बयान पर भड़के बदरुद्दीन, बोले- अशांति के लिए असम के सीएम होंगे जिम्मेदार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मंहगाई को लेकर दिए बयान पर अब राजनीति घमासान शुरू हो गया है। सीएम सरमा ने असम में सब्जियों की मंहगाई के लिए मुस्लिम समुदाय को जिम्मेदार ठहराया। इस टिप्पणी को लेकर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि असम मुख्यमंत्री मुसलमानों और असमिया लोगों के बीच विभाजन पैदा कर रहे हैं। गुवाहाटी के गारीगांव में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए एआईयूडीएफ प्रमुख ने दावा किया कि असम के सीएम सरमा का यह बयान कि शहर में सब्जियों की कीमत में वृद्धि के लिए “मिया” (मुस्लिम) विक्रेता जिम्मेदार थे, अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति अपमानजनक और आहत करने वाला था। सीएम ने कहा कि मिया समुदाय के लोगों को गुवाहाटी में सब्जियां और मसाले बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस तरह का बयान किसी राज्य के मुख्यमंत्री के लिए उचित नहीं है। वह राज्य के प्रमुख हैं और यह सही नहीं है। वह इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं। हम सीएम की टिप्पणी से निराश हैं।’
एआईयूडीएफ प्रमुख ने आरोप लगााया कि सरमा का बयान मुसलमानों और युवाओं सहित अन्य असमिया लोगों के बीच खाई पैदा करता है। एआईयूडीएफ प्रमुख ने चेतावनी दी, “इस तरह के बयान देकर असम के सीएम मुसलमानों को उनके साथी असमिया भाइयों और बहनों से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बयान से होने वाली किसी भी अशांति के लिए सरकार को जिम्मेदारी उठानी होगी।”
बता दें कि, 13 जुलाई को असम की सीएम ने कहा था कि, हर में सब्जियों की बढ़ती कीमतों के लिए मिया विक्रेता जिम्मेदार हैं। ज्यादातर विक्रेता, जो बढ़ी हुई दरों पर सब्जियां बेच रहे हैं, मियां समुदाय से हैं।” सरमा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “देश में एक मंडली (समूह) है, जो भैंस के दूध न देने पर भी मियां जी को दोषी ठहराएगा।” उनके घरों में मुर्गी अंडे नहीं देती। वे शायद अपनी व्यक्तिगत असफलताओं का दोष भी मियां भाई पर मढ़ने से नहीं हिचकिचाते।”