केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका बयान गैरजिम्मेदाराना है। बता दें कि राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहीं, अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए भाजपा और कांग्रेस में रस्साकसी का खेल चल रहा है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राजस्थान में अशोक गहलोत नीत कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अगर उसने दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के मामले में विशेष अदालत का गठन किया होता तो दोषी को अभी तक फांसी मिल गई होती। शाह ने उदयपुर में आज अपनी रैली के दौरान एक साल पुरानी इस घटना का जिक्र किया। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगाकर दो लोगों ने 28 जून को उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार की पिछले नौ साल की उपलब्धियां गिनाने के लक्ष्य से आयोजित रैली में शाह ने कहा, ‘‘राजस्थान सरकार ने विशेष अदालत का गठन नहीं किया। वरना अभी तक कन्हैया लाल की हत्या के आरोपियों को फांसी हो गयी होती।” शाह ने कहा, ‘‘मैंने देश भर में यात्रा की है। जो समर्थन मैंने देखा है, उससे यह तय है कि मोदी 300 सीटों के साथ 2024 में प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।” शाह ने विश्वास जताया कि भाजपा राजस्थान और केंद्र में रिकॉर्ड अंतर से सरकार बनाएगी। राजस्थान में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।