इंफालः मणिपुर में बीते कई महीनों से हिंसा जारी है। मणिपुर में लगातार छिटपुट हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य सरकार लगातार शांति की अपील कर रही है, लेकिन अभी तक हिंसा शांत नहीं हुई है। इसे लेकर राष्ट्रीय नेताओं के लगातार बयान सामने आ रहे हैं। इसी बीच अब कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का भी बयान सामने आया है।
सोनिया गांधी ने कहा कि मणिपुर में लोगों के जीवन को तबाह करने वाली अभूतपूर्व हिंसा ने हमारे देश की अंतरात्मा पर गहरा घाव छोड़ा है। मुझे यह देखकर गहरा दुख हुआ है कि लोगों को उस एकमात्र स्थान से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा जिसे वे अपना घर कहते हैं। मुझे मणिपुर के लोगों से अपार आशा और विश्वास है और मैं जानती हूं कि हम सब मिलकर इस परीक्षा से पार पा लेंगे।
प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठा रही कांग्रेस
उधर कांग्रेस मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठा रही है। कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि संकट के समय में जानबूझकर मणिपुर की अनदेखी कर वह प्रधानमंत्री का अपना कर्तव्य निभाने में पूरी तरह से विफल रहे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक ट्वीट में निशाना साधते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे की तमाम खबरों के बीच आइए हम खुद को याद दिलाएं कि आज मणिपुर में दर्द, संकट और पीड़ा का लगातार 50वां दिन है। दु:ख की बात है कि अनेकों मुद्दों पर ज्ञान देने वाले प्रधानमंत्री ने राज्य की इतनी बड़ी त्रासदी पर एक शब्द भी नहीं बोला है। उन्होंने मिलने के लिए समय मांगने वाले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को समय नहीं दिया। न ही इस बात को लेकर कोई संकेत दिया कि वह इस मामले में क्या कर रहे हैं या उन्हें कोई चिंता या परवाह है भी कि नहीं।