बिहार की राजनीति से जुड़ी इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल हो गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अक्ष्यक्ष संतोष सुमन ने गृहमंत्री अमित शाह के साथ उनके आवास पर हुई मुलाकात के बाद इस बात की जानकारी दी है। संतोष सुमन ने कहा कि उनका पार्टी अब एनडीए का हिस्सा है। औपचारिक तौर पर इसकी घोषणा बाद में की जाएगी, लेकिन सैद्धांतिक तौर पर हम एनडीए में शामिल हो गए हैंं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात की। करीब 45 मिनट की मुलाकात के बाद संतोष मांझी ने कहा कि हम लोग एक साथ चुनाव लड़ेंगे। हम एनडीए का हिस्सा बनेंगे। सीट शेयरिंग पर फिलहाल अभी कोई बात नहीं हुई। वो सारी बातें बाद में राज्य स्तर पर की जाएंगी। कार्यकर्ताओं को तो बहुत अधिक सीटों की अपेक्षा रहती है। मगर हम मर्यादा में रहकर एनडीए के हित की बात सोचेंगे। इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि हम ने सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। बिहार विधानसभा में ‘हम’ के मांझी सहित चार विधायक हैं जबकि बिहार विधान परिषद के सदस्य सुमन ने एक सप्ताह पहले राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। मांझी ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार उनकी पार्टी का जनता दल (यूनाइटेड) में विलय करने का दबाव डाल रहे थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जद (यू) की करारी हार के बाद नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए मांझी ने 2015 में जब कुमार को कुर्सी सौंपने की बात आई थी तो बगावत कर दी थी और भाजपा से हाथ मिला लिया था।
वह 2019 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थे। इस चुनाव को जद (यू) और भाजपा ने एक साथ लड़ा था। बिहार के कुछ हिस्सों में ‘मांझी’ समुदाय में जीतन राम मांझी का खासा प्रभाव है। सत्तारूढ़ महागठबंधन के पास लगभग 160 विधायक हैं। इस गठबंधन में जदयू, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और तीन वाम दल शामिल हैं। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत होती है।