खुद को विद्युत मंडल अधिकारी बताकर युवाओं से करता था ठगी, न्यायालय ने किया दंडित नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले को 5 साल की सजा, भरना होगा अर्थदंड
खरगोन। खुद को विद्युत वितरण कंपनी का अधिकारी बताकर युवाओं को नौकरी देने के नाम पर रुपए ऐंठने वाले शातिर बदमाश को न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर 5 साल की सजा के साथ ही अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले के संचालनकर्ता अतिरिक्त लोक अभियोजक राजकुमार अत्रे ने बताया की 01 मार्च 2018 से 28 अक्टूबर 2018 के बीच मनीष उर्फ सिद्धांत पिता मोहनलाल खांडे (27) निवासी नागमंदिर दामखेड़ा कॉलोनी थाना मेंनगाव के द्वारा स्वयं को मप्र प.क्षे.वि. वि. कंपनी लिमिटेड का अधिकारी बताकर मुबारिक खान, मोईन खान, तरुण, विजय एवं रोशन सेनौकरी लगाने के नाम पर धोखे से रुपए ऐंठने के बाद छल कर कूटरचित नियुक्ती पत्र दे दिए थे। न्यायाधीश जीसी मिश्रा ने अभियुक्त मनीष को दोषी मानकर अलग अलग धाराओं में दोषी ठहराया है। अभियुक्त मनीष को धारा 420 भादस (पांच बार) में 3वर्ष सश्रम कारावास एवं 80 हजार रुपए का अर्थ दंड, धारा 467 भादस में 5वर्ष एवं शेष के लिए 3वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1.000 रुपए का अर्थ दंड, धारा 468 भादस में 3वर्ष सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपए का अर्थ दंड, धारा 471 भादस में 3वर्ष सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपए का अर्थ दंड का दंडादेश पारित कर अभियुक्त को तत्काल जेल भिजवाया गया।