MP Police Action On Fake Milk: डुंगरखेड़ी में अवैध डेयरी पर छापा, यूरिया, रिफाइंड और इलेक्ट्रॉनिक मशीनें बरामद
डूंगरखेड़ी। मिलावटखोरों और आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने डूंगरखेड़ी क्षेत्र में नकली व सिंथेटिक दूध बनाने के अवैध काले कारोबार का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, आरोपी कृष्णपाल सिंह (पिता बद्रीसिंह सौंधिया राजपूत) और शिवराज सिंह (पिता बद्रीसिंह सौंधिया राजपूत), दोनों निवासी ग्राम डूंगरखेड़ी, के खिलाफ विभिन्न आपराधिक एवं जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली धाराओं के तहत केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
🔍 घर और बाड़े पर पुलिस की दबिश: बरामद हुआ नकली दूध बनाने का जखीरा
गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने आरोपियों के रिहायशी मकान और उससे सटे बाड़े (डेयरी परिसर) पर अचानक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। मौके से भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल, यूरिया और नकली दूध तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनरी जब्त की गई।
📦 पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामान की सूची:
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कच्चा माल व केमिकल: 25 किलोग्राम पैकिंग वाले 6 कट्टे मिल्क पाउडर, 15 लीटर क्षमता वाले 5 भरे हुए वनस्पति तेल/घी के टीन, 14 खाली टीन के डिब्बे और 4 कट्टे यूरिया खाद।
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सफाई व केमिकल लिक्विड: 40 लीटर क्षमता वाली एक प्लास्टिक की केन, जिसमें अत्यधिक खतरनाक लिक्विड सोप (डिटर्जेंट/केमिकल) भरा हुआ था।
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मशीनरी व उपकरण: 1 फ़िल्टर मिक्सर इलेक्ट्रॉनिक मशीन, 1 गैस भट्टी, 1 एचपी कंपनी का गैस सिलेंडर, 1 डी-फ्रीजर, 1 स्टील की बड़ी कोठी, 1 पानी खींचने की मोटर और 1 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा।
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दूध टेस्टिंग व ट्रांसपोर्टेशन सामान: 10 प्लास्टिक की दूध भरने वाली खाली केन और दूध की शुद्धता/फैट मापने वाली 2 इलेक्ट्रॉनिक मिल्क टेस्टिंग मशीनें।
पुलिस ने सभी उपकरणों और जहरीले रसायनों को विधिवत जब्त कर सील कर दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि इस नकली व घातक दूध की सप्लाई किन-किन मंडियों और डेयरी संचालकों को की जा रही थी।