MP Crime: ग्वालियर में सेना की बायोमैट्रिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा, उत्तर प्रदेश के 13 युवक ब्लैकलिस्ट
भारतीय सेना में अग्निवीर बनने की होड़ में फर्जीवाड़े का एक बेहद चौंकाने वाला मामला ग्वालियर से सामने आया है। अग्निवीर भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 22 वर्ष तय किए जाने के बाद, जो युवा ओवरएज (आयु सीमा पार) हो चुके थे, उन्होंने सेना में भर्ती होने के लिए हैरान करने वाला रास्ता चुना। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों—विशेषकर आगरा और आसपास के क्षेत्रों—से आए करीब 13 युवकों ने अपनी जन्मतिथि, नाम और स्थानीय पता बदलकर फर्जी आधार कार्ड और मार्कशीट तैयार करवा ली थी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनका यह खेल पकड़ा गया।
🔍 बायोमैट्रिक परीक्षण और ऑनलाइन मिलान से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
भर्ती स्थल पर जब अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक परीक्षण किया गया और उनके फिंगरप्रिंट्स को सिस्टम में स्कैन किया गया, तो उनका पुराना डेटा मिसमैच हो गया। इसके अलावा, जब उनके द्वारा जमा किए गए शैक्षणिक दस्तावेजों का सेना के अधिकारियों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान किया, तो मार्कशीट भी फर्जी पाई गईं। पूछताछ के दौरान युवकों ने स्वीकार किया कि वे ओवरएज हो चुके हैं और पहले भी भर्ती में शामिल होने के कारण उनका पुराना रिकॉर्ड सेना की वेबसाइट पर मौजूद था, इसलिए बचने के लिए उन्होंने नाम और दस्तावेज बदलवाए थे।
🚫 सेना ने सभी आरोपियों को किया ब्लैकलिस्ट, आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
सेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जीवाड़ा करने वाले किसी भी युवक को बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए सभी 13 युवकों के फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड सुरक्षित रख लिए गए हैं और उनके फर्जी दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर इन सभी युवाओं को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में कभी भी किसी सैन्य भर्ती प्रक्रिया में शामिल न हो सकें। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के संबंधित जिलों के सेना भर्ती बोर्ड को भी इन युवकों की जानकारी भेज दी गई है।