मध्य प्रदेश के रीवा जिले में संजय गांधी अस्पताल की चरमराई व्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन उस वक्त बेहद विवादित हो गया, जब रीवा विधायक अभय मिश्रा ने पोस्टमॉर्टम हाउस की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए. जयस्तंभ चौराहे पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान विधायक ने दावा किया कि अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए आने वाली सुंदर महिलाओं की डेडबॉडी के साथ दुष्कर्म तक किया जाता है, साथ ही शव परीक्षण के नाम पर परिजनों से अवैध वसूली की जाती है.
⚖️ 2. विधायक के दुष्कर्म संबंधी आरोपों की नहीं हुई है कोई आधिकारिक पुष्टि, जांच का विषय बना मामला
विधायक अभय मिश्रा द्वारा लगाए गए इन बेहद गंभीर आरोपों के बाद अस्पताल प्रशासन और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या अस्पताल प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही ऐसा कोई तथ्य सामने आया है जो इस तरह की घटना की पुष्टि करता हो. संजय गांधी अस्पताल में रोजाना सामान्य तौर पर तीन से दस शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाता है, जिनमें विभिन्न आयु वर्ग के महिला और पुरुष शामिल होते हैं.
👶 3. कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के बाद से लगातार गरमाया हुआ है मामला, अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
संजय गांधी अस्पताल के खिलाफ कांग्रेस का यह विरोध मुख्य रूप से प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की संदिग्ध मौत के बाद भड़का है, जिसमें परिजनों ने इलाज में भारी लापरवाही का आरोप लगाया था. इस मामले में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई के साथ जांच के आदेश भी दिए जा चुके हैं. अब विधायक के इन नए और विवादित आरोपों के बाद यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करवाता है या नहीं.