त्योहारों पर ‘मौत’ का सामान! गंदगी में बन रहे थे 1600 किलो गुलाब जामुन, प्रशासन की छापेमारी से मिलावटखोरों में हड़कंप

इंदौर: यदि आप होली पर पैक्ड या रेडी टु यूज गुलाब जामुन खाना चाहते हैं, तो सावधान हो जाइए. क्योंकि होली के लिए बाजार में तैयार हो रहे कई लोकल ब्रांड के गुलाब जामुन या तो मिलावटी हैं या फिर गंदे तरीके से तैयार कर पैक किए जा रहे हैं. इंदौर में होली को लेकर तैयार किए जा रहे हैं खाद्य पदार्थों की जांच में खाद विभाग को भारी मात्रा में मिलावटी और दूषित गुलाब जामुन बरामद हुए हैं. जिसमें गुलाब जामुन तैयार करने वाली कई फैक्ट्रियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जा रही है.

1600 किलो मिलावटी गुलाब जामुन जब्त

होली और रमजान जैसे प्रमुख त्योहारों पर मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में खाद्य विभाग ने जब उद्योग नगर पालदा स्थित एक फूड्स इकाई पर छापा मारा, तो यहां 1600 किलो मिलावटी गुलाब जामुन पाए गए, जिन्हें जब्त किया गया. एडीएम रोशन राय का कहना है कि “त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों पर सख्त नजर रखी जा रही है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.”

अनहाइजीनिक तरीके से किया जा रहा था पैक

खाद्य विभाग के अनुसार, गुलाब जामुन बनाने की यह यूनिट किसी विशाल उदासीन नामक व्यक्ति द्वारा संचालित की जा रही थी. कार्रवाई के दौरान पाया गया कि उद्योग यूनिट में बड़ी मात्रा में मिलावटी गुलाब जामुन तैयार किए जा रहे थे. जिन्हें अत्यंत दूषित और अस्वच्छ परिस्थितियों में बनाकर प्लास्टिक के डिब्बों में पैक किया जा रहा था. इसके अलावा भारी मात्रा में गुलाब जामुन खुले में पड़े हुए थे.

जांच के लिए लैब भेजे गए सैंपल

छापेमारी अभियान के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि गुलाब जामुन बनाने में उपयोग किए जा रहे मावा और अन्य कच्चे माल में मिलावट पाई गई है. इसके अलावा प्रारंभिक जांच में गुलाब जामुन बनाने के लिए उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई है, जिसके बाद मिलावटी गुलाब जामुन के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं.

ऐसे करें नकली गुलाब जामुन की पहचान

असली और नकली गुलाब जामुन को परखने के लिए उसे दबाकर देखें. असली गुलाब जामुन नरम होते हैं, जबकि मिलावटी कठोर और रबर जैसे महसूस होगी. पानी में डालने पर नकली गुलाब जामुन डूब जाएंगे, क्योंकि उनमें स्टार्च या मैदा होता है, जो पानी में बैठ जाता है. असली गुलाब जामुन का रंग एक जैसा भरा होता है, जबकि नकली का रंग ज्यादा चमकदार और चटक होता है. इसके अलावा चाशनी यदि बहुत गाढ़ी है, तो वह भी मिलावटी हो सकती है.

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