बरेली सिटी मजिस्ट्रेट सस्पेंशन: 72 घंटे, लखनऊ ट्रांसफर और भारी विरोध; जानें अब तक क्या-क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश के बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद जिले में बीते 72 घंटे तक लगातार हलचल बनी रही. कभी सरकारी आवास पर भीड़ जुटी, तो कभी कलेक्ट्रेट में नारेबाजी हुई. आखिरकार तीसरे दिन यानि बुधवार को उन्हें लखनऊ भेज दिया गया, लेकिन इसके बाद भी उनके समर्थन में आज भी बरेली में धरना-प्रदर्शन जारी है.

सोमवार को जैसे ही अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा सामने आया, प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई. दोपहर करीब डेढ़ बजे उनका इस्तीफा पत्र फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसके बाद उनके सरकारी आवास पर पत्रकारों, समर्थकों और सामाजिक संगठनों की भीड़ जुटने लगी. लोग उनसे मिलने और पूरे मामले की जानकारी लेने पहुंचे.

शाम तक कई अधिकारी उनसे मिलने उनके आवास पर पहुंचे. अलंकार लगातार मीडिया से बातचीत करते रहे और अपने पक्ष को सामने रखा. इसी बीच पीसीएस के कुछ साथी अधिकारी भी पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की. शाम के समय सपा प्रतिनिधि के जरिए नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से भी उनकी बातचीत कराई गई. इसके बाद वे डीएम आवास गए, जहां देर शाम तक उच्च अधिकारियों के साथ बैठक चली.

रात करीब आठ बजे डीएम आवास से लौटने के बाद अलंकार ने दोबारा प्रेस से बातचीत की. रात होते-होते माहौल और गरम हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें डीएम आवास पर बंधक लिया गया है. जैसे तैसे अपनी जान बचा कर निकला हूं. करीब 11 बजे वह समर्थकों के साथ सरकारी आवास से बाहर निकले और निजी वाहन से कहीं चले गए. हालांकि मंगलवार तड़के करीब तीन बजे वे वापस अपने सरकारी आवास लौट आए.

कलेक्ट्रेट में धरना, पुलिस तैनाती और फिर लखनऊ रवाना

मंगलवार को सुबह होते ही हालात और तनावपूर्ण हो गए. करीब 11 बजे अलंकार अपने आवास से पैदल कलेक्ट्रेट के लिए निकले. कलेक्ट्रेट गेट के पास ही वह जमीन पर बैठकर धरने पर बैठ गए. थोड़ी देर बाद डीएम चेंबर के सामने नारेबाजी शुरू हो गई. जब पता चला कि डीएम मौजूद नहीं हैं, तो वह दोपहर में वापस आवास लौट गए.

शाम को एक बार फिर समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी की. इसके बाद पुलिस प्रशासन ने उनके आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी. समर्थकों को बाहर निकाला गया और घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. शाम को अलंकार ने व्हाट्सऐप स्टेटस डालकर खुद को हाउस अरेस्ट बताया, मीडिया से बात की और बताया कि लोकतंत्र का मन हो रहा है और मेरे लिए हाउस अरेस्ट कर लिया है जिससे मामला और तूल पकड़ गया. लेकिन हाउस अरेस्ट की बात को प्रशासन ने इनकार किया.

तीसरे दिन बुधवार को सुबह से ही उनके आवास के बाहर समर्थकों का जुटना शुरू हो गया. भीड़ बढ़ने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही तेज हो गई. दोपहर बाद प्रशासन ने फैसला लिया कि अलंकार को बरेली से लखनऊ भेजा जाएगा. निजी वाहन से उन्हें लखनऊ रवाना किया गया. उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गए. रोड को जाम कर दिया. वहीं समर्थकों का कहना था कि पुलिस प्रशासन बिना बताए कहीं ले जा रहा है.

72 घंटे की पूरी टाइमलाइन

सोमवार (इस्तीफे का दिन)

  • 1:30 PM इस्तीफा और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल
  • 3:00 PM सरकारी आवास पर भीड़ जुटी
  • 5:00 PM मीडिया से बातचीत
  • 6:41 PM डीएम आवास के लिए रवाना
  • 8:30 PM लौटकर प्रेस वार्ता
  • 10:00 PM बंधक बनाए जाने का आरोप
  • 11:00 PM निजी वाहन से रवाना
  • 3:00 AM वापस आवास लौटे

मंगलवार (प्रदर्शन का दिन)

  • 11:00 AM पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे
  • 11:15 AM धरने पर बैठे
  • 12:17 PM डीएम चेंबर के सामने नारेबाजी
  • 5:00 PM आवास पर पुलिस तैनाती बढ़ी
  • 7:48 PM हाउस अरेस्ट का स्टेटस

बुधवार (लखनऊ रवाना)

  • 10:00 AM आवास के बाहर समर्थक जुटे
  • 10 बजकर 10 मिनट- मीडिया से बात की
  • 2:18 PM निजी वाहन से लखनऊ भेजे गए
  • 7:00 PM बरेली छोड़ने की जानकारी वाला स्टेटस
  • (आज भी समर्थक बरेली में दे रहे हैं धरना)

लखनऊ पहुंचने से पहले शाम को अलंकार ने व्हाट्सऐप पर स्टेटस डालकर लिखा कि वह बरेली छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस-प्रशासन नहीं चाहता था कि वह बरेली में रहें. देर रात उनके लखनऊ पहुंचने की जानकारी सामने आई. हालांकि अलंकार के लखनऊ भेजे जाने के बाद भी बरेली में उनके समर्थकों का कहना है कि वह उनके साथ हुए व्यवहार से नाराज हैं और मांग पूरी होने तक आवाज उठाते रहेंगे.

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