तेजाब हमले के बाद 16 साल की लड़ाई, आखिर क्यों बरी हो गए शाहीन के आरोपी?

दिल्ली की एक अदालत ने 2009 के एसिड अटैक मामले में तीन लोगों को बरी कर दिया. एडिशनल सेशंस जज जगमोहन सिंह ने सबूतों की कमी के कारण यशविंदर, मनदीप मान और बाला को माफ किया. तीनों पर पानीपत की MBA स्टूडेंट शाहीन मलिक पर एसिड अटैक करने के लिए एक नाबालिग के साथ साजिश रचने का आरोप था.

जिस नाबालिग ने पीड़ित पर एसिड से हमला किया था, उसे 17 दिसंबर 2015 को दोषी ठहराया गया था. IPC की धारा 326 (खतरनाक हथियारों या तरीकों से जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) और 308 (गैर इरादतन हत्या की कोशिश) के तहत कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया था.

पीड़िता की वकील ने क्या कहा?

फैसले के बाद पीड़िता की वकील मडियाह शाहजर ने कहा, रोहिणी कोर्ट ने मामले में तीन आरोपियों को इस आधार पर बरी कर दिया कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. हमारा मानना ​​है कि हमने जो सबूत पेश किए थे, उनका फैसले में सही से इस्तेमाल नहीं किया गया. इसमें भेदभाव हुआ है. न्याय नहीं मिला है. हम हाई कोर्ट में अपील करेंगे.

उन्होंने कहा कि हालांकि कोर्ट ने सहानुभूति जताई, लेकिन 16 साल की कानूनी लड़ाई के बाद हमें न्याय चाहिए, सहानुभूति नहीं. इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में और अगर ज़रूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी.

आरोपी की वकील ने क्या कहा?

आरोपी बाला की वकील प्रियादर्शिनी के अनुसार, बाला पर IPC की धारा 120B (आपराधिक साज़िश), 326 और 308 के तहत आरोप लगाए गए थे, जबकि यशविंदर पर धारा 364 A (फिरौती के लिए अपहरण), 376 (बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी) और 511 (अपराध करने की कोशिश के लिए सज़ा) के तहत आरोप लगाए गए थे. वकील ने कहा कि मनदीप पर IPC की धारा 120B, 326 और 308 के तहत अपराधों के लिए मुकदमा चलाया गया था. उन्होंने कहा कि नाबालिग को आपराधिक साज़िश के लिए दोषी नहीं ठहराया गया था. यह बात मौजूदा अदालत के ध्यान में लाई गई थी.

पीड़िता को करानी पड़ी थी 18 सर्जरी

पिछले कुछ साल में शाहीन के कई ऑपरेशन हुए. कुल 18 सर्जरी. हमले के बाद ढाई साल तक उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया, जब तक कि डॉक्टर एक आंख बचाने में कामयाब नहीं हो गए. उनकी दूसरी आंख बहुत ज़्यादा खराब हो गई थी. शाहीन सिर्फ़ हिम्मत और विश्वास की वजह से ज़िंदा हैं. उन्होंने कहा था कि मुझे लगा कि शायद मुझे इस दुनिया में इंसाफ नहीं मिलेगा. हो सकता है, मुझे भगवान की दुनिया में इंसाफ मिले.

कब हुआ था हमला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2009 में हरियाणा के पानीपत में शाहीन मलिक पर तेजाब से हमला किया गया था, जब वह यशविंदर के कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर की नौकरी के लिए गई थी. उसी समय मलिक ने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी में MBA प्रोग्राम में एडमिशन लिया. अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि पीड़िता को अपने वर्कप्लेस पर यशविंदर से सेक्शुअल हैरेसमेंट का सामना करना पड़ा. यशविंदर की पत्नी, बाला ने दो यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स, मनदीप मान और नाबालिग के साथ मिलकर मलिक पर हमला करने की साज़िश रची.

देरी पर भड़का था सुप्रीम कोर्ट

2013 में यह मामला दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया. 4 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता द्वारा दायर एक PIL पर सुनवाई करते हुए, एसिड अटैक मामलों में धीमी सुनवाई को सिस्टम का मज़ाक बताया और सभी हाई कोर्ट्स को देश भर में ऐसे पेंडिंग मामलों की डिटेल्स चार हफ़्तों के अंदर जमा करने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने मलिक के मामले में लंबी देरी को राष्ट्रीय शर्म बताया और ट्रायल को रोज़ाना के आधार पर चलाने का निर्देश दिया.

केस में कब क्या हुआ?

  • 19 नवंबर, 2009- पानीपत में शाहीन मलिक पर तेजाब से हमला हुआ. हरियाणा पुलिस ने एक दिन बाद बयान दर्ज किया.
  • 1 जनवरी, 2010- शाहीन ने आरोपियों का नाम लिया.
  • अगस्त, 2013- पुलिस से कोई मदद नहीं मिलने के बाद शाहीन ने हरियाणा सरकार से संपर्क किया. तब की CJM ने पुलिस को केस खोलने का आदेश दिया.
  • 22 अगस्त, 2014- सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा से दिल्ली केस ट्रांसफर करने का आदेश दिया.
  • जनवरी 2015- आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए.
  • 8 दिसंबर 2016- दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों को रिहा कर दिया.
  • 19 जनवरी, 2018- दोबारा ट्रायल शुरू
  • 22 सितंबर, 2025- शाहीन मलिक की अपील पर केस ASJ जगमोहन सिंह को ट्रांसफर हुआ.
  • 24 दिसंबर, 2025- कोर्ट ने आरोपियों को बरी किया.
मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

नापतौल विभाग का गजब खेल! जांच से पहले ही पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों को मिलेगा ‘अलर्ट’; क्या अब कभी पकड़ी जाएगी गड़बड़ी?     |     MP में सरकारी शिक्षक बनना हुआ आसान! अब दो की जगह देनी होगी सिर्फ एक परीक्षा; मोहन यादव सरकार ने युवाओं को दिया बड़ा तोहफा     |     दिल दहला देने वाला हादसा! घर के बाहर खेल रहे मासूम को टैंकर ने कुचला; रूह कांप जाएगा ‘CCTV फुटेज’ देख, मौके पर ही हुई मौत     |     Ratlam Crime News: रतलाम में बर्थडे पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग, गोली लगने से युवक घायल; पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर निकाली हेकड़ी     |     ईरान-इजराइल युद्ध की मार: MP में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक! शादियों और फूड बिजनेस में मचा हाहाकार; जानें कब तक रहेगी किल्लत     |     Kuno National Park: ज्वाला ने तीसरी बार दी खुशखबरी, एक साथ जन्मे 5 चीता शावक; भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ को मिली बड़ी सफलता     |     उज्जैन में साध्वी का ‘महा-साजिश’ फेल! महामंडलेश्वर के खिलाफ फर्जी FIR की तैयारी थी, अखाड़े के संतों ने ऐसे किया भंडाफोड़; जानें इनसाइड स्टोरी     |     होटल के बंद कमरे में ‘खूनी खेल’! भोपाल में पत्नी ने पति को डंडे से पीटा, फिर ब्लेड से किया वार; हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद मचा हड़कंप     |     Jabalpur High Court News: इंसाफ के लिए जबलपुर में शख्स की चौंकाने वाली हरकत, जज की डाइस पर रखा भ्रूण; इच्छा मृत्यु की मांग से मचा हड़कंप     |     भोपाल में अस्पताल की बड़ी लापरवाही! 12वीं की छात्रा को पहले ‘प्रेग्नेंट’ बताया, फिर निकला ट्यूमर; इलाज के अभाव में छात्रा ने तोड़ा दम, परिजनों का हंगामा     |