रबी फसलों का बीमा कराने का आखिरी मौका, जानें किस तरह करा सकते हैं फसलों का इंश्योरेंस

शहडोल : खरीफ सीजन के बाद अब किसानों ने रबी सीजन की भी खेती शुरू कर दी है, और अगर आप भी रबी सीजन की खेती कर रहे हैं तो फसलों का बीमा कर सकते हैं. इस बीमा से किसान के कई तरह के नुकसानों की भरपाई हो सकती है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा पंजीकरण की शुरुआत हो चुकी है, और इसके लिए समय भी अब सीमित बचा है.

जल्द कराएं फसलों का बीमा, समय सीमित

शहडोल कृषि विभाग के सहायक संचालक अनुराग पटेल बताते हैं, ” प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी फसलों के लिए बीमा पंजीकरण की शुरुआत हो चुकी है. रबी सीजन 2025-26 में फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है, जो भी इच्छुक किसान हैं, फसलों का बीमा करवाना चाहते हैं, वे अपने पटवारी से अधिसूचित फसलों का बीमा करवा सकते हैं.”

किन फसलों का बीमा, कितना देना होगा पैसा?

अगर आप रबी सीजन में अपनी फसलों का बीमा करवाना चाहते हैं, तो रबी के मौसम में लगने वाले सभी तरह के अनाज, दलहन, तिलहन के साथ इस सीजन की सभी फसलों का बीमा करा सकते हैं. फसलों को लेकर अधिकतम 1.5% प्रीमियम किसानों को देना होगा, शेष प्रीमियम राज्य और केंद्र सरकार वहन करती हैं. योजना के प्रावधान में क्षेत्र में फसल लगाने वाले बटाईदारों और काश्तकारों सहित सभी किसान अपनी फसलों का बीमा कवरेज प्राप्त करने के लिए पात्र हैं. ये बीमा सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है.

कैसे कराएं फसलों का बीमा?

जिन किसानों ने अल्पकालिक फसल ऋण लिया है, उन किसानों को फसल बीमा कराने के लिए संबंधित बैंक के पास जाना पड़ेगा, वहीं से उनका बीमा होगा. इसके अलावा जो कृषक किसी तरह का कर्ज नहीं लिए हैं, वो अपनी फसलों का बीमा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जिले की सभी सहकारी समितियों, सभी ग्राम पंचायत में स्थित कॉमन सर्विस सेंटर, जिले के समस्त बैंक, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, फसल बीमा पोर्टल www.pmfby.gov.in, AIC प्रतिनिधि और उर्वरक नगद विक्रय केंद्र के माध्यम से करा सकते हैं.

इसके अलावा किसान स्वयं भी फसल बीमा पोर्टल पर जाकर खुद का पंजीयन कर सकते हैं, बस इस बात का ध्यान रखना होगा कि 31 दिसंबर तक ही बीमा करने का आखिरी तारीख है.

फसल बीमा क्यों है जरूरी?

हर इंश्योरेंस या बीमा की तरह फसल बीमा भी खतरों और नुकसान के समय वित्तीय सुरक्षा देता है. फसलों में बाढ़, कीट, बीमारियां या प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को कई बार भारी नुकसान हो जाता है. ऐसे में फसल बीमा से कुछ हद तक वित्तीय स्थिरता मिलती है. फसल बीमा जोखिम कम करता है और उन्हें अप्रत्याशित संकटों से बचाकर कर्ज चुकाने में मदद करता है.

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