दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, स्वामी चैतन्यानंद अरेस्ट, आगरा के होटल में छिपा था… 17 छात्राओं संग यौन शोषण का लगा है आरोप

दिल्ली पुलिस ने आखिरकार स्वामी चैतन्यानंद को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है. चैतन्यानंद पर वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की 17 छात्राओं संग यौन शोषण का आरोप लगा है. छात्राओं ने जब से उस पर FIR दर्ज करवाई थी, तभी से वो फरार चल रहा था. जानकारी के मुताबिक, चैतन्यानंद आगरा के एक होटल में ठहरा हुआ था. अल सुबह करीब साढ़े तीन बजे दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है.

पुलिस आज चैतन्यानंद को दिल्ली कोर्ट में पेश करेगी. गिरफ्तारी से बचने के लिए चैतन्यानंद ने कोर्ट में जमानत याचिका भी दायर की थी. मगर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी. सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि चैतन्यानंद सरस्वती ने संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि होने का दावा किया था. इसके साथ ही स्वामी चैतन्यानंद पर बड़ी करवाई हुई थी. लगभग 8 करोड़ रुपये जो 18 खातों और 28 एफडी में जमा थे फ्रीज किए गए. ये रकम आरोपी पार्थसारथी द्वारा बनाए गए ट्रस्ट से जुड़ी थीं.

क्या है पूरा मामला?

कुछ दिन पहले श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की 17 छात्राओं ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए बताया था- चैतन्यानंद रात को जबरदस्ती उन्हें अपने बेडरूम में बुलाता था और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था. इसके अलावा गर्ल्स हॉस्टल के कमरों में भी सीसीटीवी लगाने का आरोप सामने आया था. पुलिस ने यौन शोषण के अलावा स्वामी चैतन्यानंद पर फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग करने और धर्म का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया था. आरोप लगने का बाद से दिल्ली पुलिस चैतन्यानंद को ढूंढ रही थी. रविवार को पुलिस ने आगरा से आरोपी चैतन्यानंद को गिरफ्तार कर लिया.

छात्राओं से अश्लील सवाल

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि स्वामी उनसे अश्लील सवाल पूछता था, जैसे कि क्या उन्होंने किसी से शारीरिक संबंध बनाए हैं और यदि बनाए हैं तो क्या कंडोम का इस्तेमाल किया गया. इसके अलावा, वह रात के समय छात्राओं को वाट्सऐप पर मैसेज भेजता था, जिनमें लिखा होता था—Baby, I love you

कई छात्राओं ने यह भी बताया कि उन्हें देर रात उसके निजी कक्ष में बुलाया जाता था और फॉरेन ट्रिप के लिए दबाव बनाया जाता था. एक शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे जबरन मथुरा ले जाने की कोशिश भी की गई.

विरोध पर रोक दी जाती थी डिग्री

जो छात्राएं विरोध करती थीं, उन्हें परेशान किया जाता था. उनकी उपस्थिति (अटेंडेंस) काट दी जाती, अंक कम कर दिए जाते और डिग्री रोक दी जाती. मामले की एफआईआर में तीन महिला स्टाफ सदस्यों के नाम भी दर्ज हैं, जिनमें एक असोसिएट डीन शामिल है. इन पर आरोप है कि उन्होंने छात्राओं पर दबाव डाला, सबूत मिटाने को कहा और पहचान छिपाने के लिए नाम बदलवाने तक की मांग की.

एक पीड़िता ने बताया कि स्वामी ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया, उसे हॉस्टल में अलग-थलग कर दिया और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी. यहां तक कि धमकी दी गई कि अगर वह विरोध करेगी तो उसका राज प्रभावशाली लोगों के सामने खोल दिया जाएगा.

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