उत्तर प्रदेश के राम मंदिर के निर्माण के इतिहास को एजुकेशन सिस्टम बनाने की तैयारी की जा रही है. इसमें IIT रुड़की को शामिल किए जाने को लेकर फैसला किया गया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टों की ओर से ट्रस्ट की होने वाली निर्माण समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है. यही नहीं राम जन्मभूमि के भूमि पूजन से लेकर पूरे राम मंदिर के निर्माण, राम मंदिर परिसर के निर्माण और राम मंदिर के हर एक निर्माण स्थल में तकनीकी और कारीगरी की बारीकी से स्टडी की जा सकेगी.
भारत के इंजीनियर, जिसको लेकर सेंट्रल बिल्डिंग इंस्टीट्यूट के साथ एक एग्रीमेंट किया जाएगा और इस एग्रीमेंट के चलते राम मंदिर के निर्माण के इतिहास की और भौगोलिक स्थितियों की जानकारी देश के इंजीनियरों को मिल सकेगी. राम मंदिर का निर्माण कार्य आखिरी दौर में है. दिसंबर 2025 तक राम मंदिर और राम जन्मभूमि परिसर में कई निर्माण कार्य पूरे हो जाएंगे. श्री राम जन्मभूमि निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए बताया कि हम अपने लक्ष्य के करीब हैं और हमें उम्मीद है कि हम दिसंबर 2025 तक राम जन्मभूमि मंदिर में चल रहे राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ अन्य निर्माण कार्यों को तय समय में पूरा कर लेंगे.