शाजापुर में जैन समाज के गुरु भगवंतो का नगर में बैंड-बाजे के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जो चल समारोह के रूप में बस स्टैंड, फव्वारा चौराहा, टाकिज चौराहा, नई सड़क, आजाद चौक तथा कसेरा बाजार होते हुए श्री रत्न – पोरवाल परिसर पहुंचकर सामाजिक धर्मसभा के रूप में परिवर्तित हुआ। यहां जैन समाज के सिद्धि बहू मंडल के सदस्यों एवं महावीर जैन पाठशाला के बच्चों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी वहीं लोकेंद्र नारेलिया ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। स्वागत भाषण नवरत्न परिवार के जिलाध्यक्ष मनीष जैन ने दिया। अपने आशीर्वचन स्वरूप जैनाचार्य ने कहा कि समाज को धर्म संस्कारों का सही ज्ञान मिले। इसके लिए प्रवचन और संस्कार शिविर दोनों आवश्यक है। इसी विषय को लेकर दिन में संस्कार शिविर का आयोजन किया गया है वहीं रात्रि में वर्तमान को वर्धमान की बहुत आवश्यकता है विषय पर प्रवचन भी रखे गए। शाजापुर में आयोजित होने वाली महामांगलिक में शहर सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर यही धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करेंगे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन अजीत जैन ने किया व अंत में आभार शैलेन्द्र जैन ने माना। जैन समाज के प्रमुख लोकेंद्र जैन बंटी ने बताया कि जैनाचार्य श्री विश्वरत्न सागर सुरीश्वरजी ने आशीर्वचन में कहा कि जैन समाज की दृष्टि से शाजापुर नगर अनमोल विरासतों वाला नगर है। नगर के मध्य स्थापित जिनालय मंदिर में विराजित प्रभु प्रतिमाएं जहां समाज की प्राचीन वैभवता का प्रतीक हैं वहीं नगर के प्रवेश द्वार पर हाईवे किनारे सुरम्य वातावरण के मध्य पूज्य जैनाचार्य श्रीवीररत्न विजयजी की प्रेरणा से नवनिर्मित सर्व सुविधाजनक श्री सिद्धाचल वीरमणि महातीर्थ धाम शाजापुर के मस्तक पर मणि के समान दमक रहा है। एसी अनमोल धरोहरों को देखकर कहा जा सकता है कि शाजापुर का जैन समाज आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध और वैभवशाली है।