अगले साल देश में होने वाले लोकसभा चुनाव में अब 8 महीने से भी कम समय रह गया है। लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बीच-बीच में जनता का मूड जानने के लिए कुछ सर्वे भी कराए जाते हैं। जिसमें लोगों से पूछा जाता है कि देश में आप किसको नेता के रूप में देखना चाहते हैं। कौन सा नेता आपको ज्यादा प्रभावित करता है। ऐसा ही एक सर्वे इंडिया टूडे सी-वोटर ने किया है। इंडिया टूडे-सीवोटर के सर्वे में सामने आया है कि नरेंद्र मोदी अभी भी जनता के बीच बढ़त बनाए हुए हैं।
इंडिया टूडे सी-वोटर सर्वे के मुताबिक, आज के समय पर लोकसभा चुनाव कराए जाएं तो 59 प्रतिशत जनता नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है, जबकि 18 प्रतिशत लोग मोदी से असंतुष्ट नजर आए। 23 प्रतिशत लोगों ने अपनी राय देने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा कि सर्वे 14 जुलाई से 15 अगस्त के बीच किया गया है। इसमें 25,951 लोगों की राय ली गई है। इसमें सभी 543 लोकसभा सीटों को कवर किया गया है।
सरकार के कामकाज से कितने लोग संतुष्ट
जब लोगों से पूछा गया कि सरकार के कौन-कौन से काम आपको अच्छे लगे तो 11 प्रतिश लोगों ने कहा कि राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वानाथ कोरिडॉर, 21 प्रतिशत लोगों ने कोविड महामारी से निपटने को लेकर मोदी सरकार की तारीफ की है। 13 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को अपना समर्थन दिया है। 12 प्रतिशत लोगों ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की विदाई को अच्छा फैसला बताया है। 6 प्रतिशत लोग कल्याणकारी योजनाओं को कामयाबी के रूप में देखते हैं। 7 प्रतिशत लोगों ने आधारभूत सुविधाओं और 2 प्रतिशत लोगों ने चीन/पाकिस्तान विवाद मामले में सरकार को बेहतर माना है।
मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी
इंडिया टूडे सी-वोटर सर्वे के मुताबिक, 25 प्रतिशत लोग महंगाई को सबसे बड़ी नाकामी मानते हैं। 17 प्रतिश लोग बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। 12 प्रतिशत लोग आर्थिक विकास, 9 प्रतिशत लोगों ने कोरोना महामारी से निपटने में मोदी सरकार की नाकामी मानते हैं। 3 प्रतिशत लोग नोटबंदी, 5 प्रतिशत लोग सांप्रदायिक हिंसा को सबसे बड़ी नाकामी माना है।
मणिपुर हिंसा पर केंद्र की रणनीति?
मणिपुर हिंसा पर जब लोगों से पूछा गया कि सरकार को क्या करना चाहिए था। 44 प्रतिशत लोगों ने अपनी राय देते हुए कहा कि सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए था। 21 प्रतिशत लोगों का मानना है सरकार को अलग-अलग संगठनों के साथ तुरंत बातचीत करनी चाहिए थी। 19 प्रतिशत लोगों ने कहा कि फास्ट ट्रैक न्यायिक जांच होनी चाहिए थी। वहीं, 7 प्रतिशत लोगों का मानना है कि सभी पार्टियों को मणिपुर भेजना चाहिए था।
30 प्रतिशत लोगों ने मणिपुर हिंसा को केंद्र की नाकामी बताया है। 25 प्रतिशत लोगों ने राज्य सरकार की नाकामी माना है। 20 प्रतिशत लोग राज्य और केंद्र दोनों सरकारों की नाकामी मानते हैं। 14 प्रतिशत लोगों ने इसे विपक्ष की नाकामी बताया है, जबकि 11 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कुछ कह नहीं सकते। बता दें कि मणिपुर हिंसा में 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कुकी और मेतेई समुदाय के बीच हुई हिंसा में हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। कई क्षेत्रों में अभी भी कर्फ्यू लगा हुआ है।
2024 में क्यों देंगे बीजेपी को वोट?
इंडिया टूडे सी-वोटर के मुताबिक, 44 प्रतिशत लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वह वोट करेंगे। 22 प्रतिशत लोगों ने विकास के मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में वोट करने की बात कही है, जबकि 8 प्रतिशत लोग कल्याणकारी योनजाओं के नाम पर वोट करेंगे। 14 प्रतिशत लोग हिंदुत्व के नाम पर बीजेपी को वोट देने जाएंगे।
2024 में बीजेपी को सबसे ज्यादा फायदा किससे?
इंडिया टूडे, सी-वोटर के सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा फायदा किस मुद्दे से होगा तो 33 लोगों ने इस पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि अर्थव्यस्था को तीसरे नंबर पर पहुंचाने की गारंटी से सबसे ज्यादा फायदा होगा। 17 प्रतिशत लोगों का मानना है कि राम मंदिर भाजपा के लिए सबसे बड़ा काम करेगा। 12 प्रतिशत लोगों ने समान नागरिक संहिता (UCC) को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है और 8 प्रतिशत लोग अनुच्छेद 370 हटाने को मुद्दा मानते हैं।
सर्वे के मुताबिक, 54 प्रतिशत लोगों ने माना कि मोदी सरकार में भ्रष्टाचार कम हुआ है। 41 प्रतिशत लोगों ने कहा कि भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं आई है। 45 प्रतिशत लोग मानते हैं कि सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। 38 प्रतिशत लोग बोले- नहीं। विपक्ष की टूट से महाराष्ट्र में भाजपा को फायदा होगा या नहीं इस पर पर 60 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इससे भाजपा को फायदा होगा। 25 प्रतिशत लोग लोगों ने इससे इनकार कर दिया। 15 प्रतिशत लोगों ने कहा कुछ कह नहीं सकते।
समान नागरिक संहिता से बीजेपी को फायदा होगा?
इस पर 72 प्रतिशत लोगों ने कहा हां में जवाब दिया, जबकि 17 प्रतिशत लोग बोले नहीं होगा। 10 प्रतिश ने कहा कुछ कह नहीं सकते। बता दें कि समान नागरिक संहिता यानी कॉमन सिविल कोड (UCC) भारतीय जनता पार्टी के को मुद्दों में से एक हैं। भाजपा शुरू से ही सबके लिए समान कानून की वकालत करती आई है। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
किसकी बनेगी सरकार?
इंडिया टूडे सी वोटर सर्वे के अनुसार, अगर आज चुनाव हुए तो एनडीए को 306 सीटें, इंडिया गठबंधन को 193 सीटें और अन्य को 42 सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिश की बात करें तो एनडीए को 43 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। इंडिया गठबंधन को 41 फीसदी और अन्य को 16 फीसदी वोट मिल सकते हैं। एनडीए का 2019 में वोट प्रतिशत 45 फीसदी था, जो 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ घटकर 43 फीसदी रह गया है। जनवरी में आए सर्वे की अपेक्षा एनडीए को थोड़ी बढ़त मिलती नजर आ रही है। जनवरी में किए गए सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 289 सीटें, इंडिया गठबंधन को 153 सीटें और अन्य के खाते में 101 सीटें थीं।