गोपेश्वरः उत्तराखंड के चमोली जिले की कर्णप्रयाग नगरपालिका परिषद ने अपनी ही चार महिला पर्यावरण मित्रों (सफाई कर्मचारियों) पर नदी में कूड़ा फेंकने को लेकर 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। सफाई कर्मचारियों पर ‘एंटी लिटिरिंग और एंटी स्पिटिंग एक्ट’ (कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम-2016) के तहत जिले में पहली बार ऐसा हुआ है जब सफाई में जुटे पर्यावरण-मित्रों पर जुर्माना लगाया गया है।
कर्णप्रयाग नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम-2016 के तहत इन पर्यावरण मित्रों को बहस्पतिवार को नोटिस दिया गया। नोटिस में कहा गया है कि पर्यावरण मित्रों द्वारा सफाई के दौरान पिंडर नदी में कूड़ा फेंका गया। आरोपों के समर्थन में हाल में सामने आए एक वीडियो का भी जिक्र किया गया है। नोटिस में इन सभी से शीघ्र जुर्माना अदा करने को कहा गया है। इनमें एक नियमित कर्मचारी है जबकि शेष तीन दैनिक वेतनभोगी कर्मिक हैं। दूसरी ओर, पिंडर नदी में कूड़ा फेंकने के इस मामले को जिला प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है और इस प्रकरण पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
कर्णप्रयाग की उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता ने बताया कि नगर पालिका के सुभाष नगर वार्ड में 12 जुलाई, 2023 की दोपहर की पाली में सफाई के दौरान कुछ पर्यावरण मित्रों द्वारा पिंडर नदी में कूड़ा फेंकने का वीडियो सामने आया था। नदियों में कूड़ा फेंकने को दंडनीय अपराध बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं नगर पालिका के पर्यावरण मित्रों द्वारा इस प्रकार का काम करना और भी गंभीर बात है। नगर पालिका ने दोषी पाए गए सभी आरोपियों को भविष्य में ऐसा नहीं करने की कड़ी चेतावनी भी जारी की है।