शाजापुर
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कलेक्टर श्री किशोर कन्याल की अध्यक्षता में आज सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान 5.0 एवं दस्तक अभियान तथा विश्व जनसंख्या दिवस के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक एवं मीडिया कार्यशाला संपन्न हुई। इस अवसर पर बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजू निदारिया, सिविल सर्जन डॉ. बीएस. मैना, एसएमओ डब्ल्यूएचओ भोपाल डॉ. एस.एम. जोशी, डीआईओ डॉ. सुमित यादव, डीपीएम श्री शैलेन्द्र सोनी सहित बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री कन्याल ने जिले में चलाए जा रहे उक्त अभियानों के सफल क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने यूविन पोर्टल के माध्यम से हितग्राही को तीन दिवस पूर्व बल्क मैसेज पंहुचाने की भी व्यवस्था के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के क्षेत्र में शेष छूटे हुये बच्चों का पूर्ण टीकाकरण होना चाहिये, जिससे शाजापुर जिला शीघ्र ही एम.आर. फ्री हो सकें। उन्होंने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से जिले में चलाए जा रहे अभियानों को सफल बनाने में सहयोग करने का अनुरोध किया।
एसएमओ डब्ल्यूएचओ भोपाल डॉ. जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार 0 से 5 वर्ष तक के टीकाकरण से छूटे हुये बच्चों को पूर्ण टीकाकृत करने के लिए जिले में सघन मिशन इन्द्रधनुष 5.0 का आयोजन तीन चरणों में क्रमशः 7 से 12 अगस्त, 11 से 16 सितम्बर, 9 से 14 अक्टूबर 2023 तक आयोजित होगा। उक्त अभियान अंतर्गत 0 से 5 वर्ष के टीकाकरण से छूटे हुये बच्चों को हेडकाउण्ट सर्वे के आधार पर ड्यूलिस्ट तैयार की जाकर पूर्ण टीकाकृत किया जायेगा। साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकृत किया जायेगा। साथ ही कोविन पोर्टल की तरह ही बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए यूविन पोर्टल का क्रियान्वयन भी शीघ्र ही किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि जिले में 18 जुलाई से 31 अगस्त 2023 तक दस्तक अभियान का क्रियान्वयन किया जायेगा। प्रदेश में बाल मृत्यु प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से दस्तक अभियान संचालित किया जावेगा। अभियान अंतर्गत 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सकिय पहचान, रेफरल एवं प्रबंधन 9 माह से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों एवं वृद्धि विलम्ब की पहचान, 5 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों में श्रवण बाधिता एवं दृष्टिदोष की पहचान/ पुष्टि कर आर.बी.एस. के. कार्यक्रम में पंजीयन कर उपचारित करना, 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग की पहचान एवं नियंत्रण के लिए ओ.आर.एस. एवं जिंक के उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्येक घर में गृहभेंट के दौरान ओआरएस सहित अन्य गतिविधि संचालित की जायेगी।
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