मध्यप्रदेश स्टेट जीएसटी विभाग ने किया बोगस करदाताओं के नेटवर्क का खुलासा प्रदेश के 139 बोगस व्यवसायियों पर कड़ी कार्रवाई
भोपाल : मंगलवार, जून 13, 2023,
राजस्व संरक्षण एवं बोगस जीएसटी पंजीयन के विरुद्ध सशक्त कार्रवाई के उद्देश्य से वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान में बोगस करदाताओं के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अभियान में संदिग्ध करदाताओं का निर्धारित पैरामीटर्स के आधार पर चिन्हांकन किया जाकर ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से भौतिक सत्यापन कराए जा रहे हैं।
सघन डाटा एनालिसिस कर अभी तक जीएसटी में सबसे बड़ा बोगस करदाताओं का नेटवर्क पकड़ा गया है। डाटा एनालिसिस के दौरान इंदौर के एक संदिग्ध व्यवसायी से बोगस व्यवसायियों की चेन प्रारंभ हुई। जिनके पंजीयन में दर्ज पेन, मोबाइल नंबर एवं ईमेल एड्रेस के आधार पर डाटा एनालिसिस किया गया। प्रथम चरण में चिन्हांकित 14 संदिग्ध व्यक्तियों पर जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 67 के अधीन कार्यवाही की गई। सभी व्यवसायी अस्तित्वहीन/बोगस पाए गए। बोगस वेबसाइयों के संपूर्ण नेटवर्क एवं उसके पीछे छुपे हुए व्यक्तियों का पता लगाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग की टैक्स रिसर्च एंड एनालिसिस विंग द्वारा डेटा एनालिसिस किया गया। डाटा विश्लेषण करने पर संपूर्ण भारत में प्रथम दृष्टया 4900 से अधिक व्यवसाई संदिग्ध पाए गए। मध्यप्रदेश राज्य से संबंधित 139 व्यवसायी पाए गए। देश में फैले बोगस डीलरों ने नेटवर्क में 4909 से अधिक जीएसटी को चिन्हित किया गया है। इस नेटवर्क में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना सहित अन्य राज्य भी शामिल हैं। प्रारंभिक जाँच में 2 वित्तीय वर्ष (2021-22 एवं 2022-23) में प्रथम दृष्टया कर एवं आईटीसी के रूप में 8100 करोड़ रूपये से अधिक का कर अपवंचन पाया गया है। इस नेटवर्क में शामिल करदाताओं द्वारा इन 2 वर्ष में जीएसटी रिटर्न में 29 हजार करोड़ का टर्नओवर दर्शाया है।
प्रकरण में शामिल करदाताओं की इतनी बड़ी संख्या 29 हजार करोड़ के टर्नओवर एवं 8 हजार करोड़ के संभावित कर अपवंचन को ध्यान में रखते हुए एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री लोकेश कुमार जाटव ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों पर प्राप्त जीएसटी पंजीयन एवं संगठित होकर की जा रही कर चोरी के विरूद्ध निरंतर कार्यवाही जारी रहेगी।
डाटा एनालिसिस में पाये गये अन्य राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों से संबंधित संदिग्ध व्यवसाइयों के विरूद्ध जीएसटी अधिनियम 2017 के तहत कार्यवाही की जा रही है।