देवास कोतवाली पहुचे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, मीडिया से कहा पुलिस भाजपा का हथियार बनकर काम कर रही है
देवास। कांग्रेस के आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर के साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे विकृत भी किया था। जिसके बाद भाजपा ने इस बात पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए एक भाजपा कार्यकर्ता शुभम जाधव ने कोतवाली थाने पर युकां जिलाध्यक्ष जितेंद्रसिंह गौड़ व विधानसभा अध्यक्ष पंकज वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जाधव की रिपोर्ट पर दोनों युकां नेताओं के खिलाफ धारा 505 (1) (2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। कुछ ही देर बाद पुलिस की टीम दोनों नेताओं के घर पहुंची और दोनों को उठा लाई। युवा नेताओं की गिरफ्तारी की खबर लगते ही पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा सहित दर्जनों नेता कोतवाली थाने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इस पुलिस कार्यवाही का कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज कराया और पुलिस से बहस भी हुई। इसी बीच पुलिस ने कागजी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार दोनों युवा नेताओं को न्यायालय भेज दिया, जहां उन्हें कोतवाली पुलिस ने सीजेएम न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया, किंतु हड़ताल बंद होने की वजह से किसी भी वकील ने अपना वकालतनामा नहीं लगाया और ना ही उनका पक्ष रखा। लिहाजा दोनों नेताओं को ही अपनी जमानत अर्जी प्रस्तुत करना पड़ी, जिसे न्यायाधीश ने अस्वीकार करते हुए दोनों को जेल भेज दिया। उधर एडव्होकेट प्रवीण शर्मा का कहना है कि जिस धारा में दोनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, उसमें अधिकतम 3 वर्ष की सजा का प्रावधान है और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार दोनों को थाने से ही जमानत मिल जाना चाहिए थी, किंतु राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने दोनों को थाने से जमानत देने के बजाय न्यायालय में पेश किया।