दुकान वितरण को लेकर पहले मेला परिसर, फिर नपा में हुआ हंगामा – कांग्रेस पार्षदों का आरोप दुकानों की कम कर दी साईज, भेदभाव का भी लगाया आरोप
शाजापुर। आज से हिन्दू नववर्ष चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होगा और 15 दिवसीय मेले का भी आयोजन होगा, लेकिन एक दिन पूर्व मेले को लेकर मेला परिसर अखाड़े में बदल गया, जहां कांग्रेस पार्षदों और भाजपाई पार्षदों में दुकान वितरण को लेकर आपस में विवाद हो गया। वहीं नपा परिसर में भी दुकान वितरण को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
दरअसल कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि इस बार दुकान वितरण जो किया गया है उसमें मनमानी की गई है। पहले जिस साईज की दुकाने दी गई थी वह काफी छोटी कर दी गई है। ऐसे में दुकानदार कैसे तंबू या टेंट लगाएंगे और कहां अपना सामान जमाएंगे। उनका यह भी कहना था कि जो दुकान वितरण की सूची बनाई गई है उसमें से भी लोगों के नाम काट दिए गए हैं और अपने चहेतों को दुकाने दी गई हैं। जो लोग बरसों से यहां दुकाने लगाते आ रहे हैं उन्हें ही जगह नहीं मिल पाई है। इस पर भाजपाईयों का कहना था कि दुकान वितरण जैसे किया जाता है वैसे ही किया गया है। काफी देर चले हंगामे के बाद जब नपाध्यक्ष पहुंचे और उन्होंने समझाईश दी तो मामला शांत हुआ। इसके बाद सभी लोग नगर पालिका पहुंचे वहां भी इसे लेकर जमकर विवाद हुआ। जहां नपा उपाध्यक्ष संतोष जोशी ने मामले को शांत करवाया। वहीं कांग्रेसी पार्षदों का आरोप यह भी भी था कि जो आमंत्रण कार्ड छपवाए गए हैं उसमें भी भाजपा पार्षदों के नाम आगे लिखे गए हैं और कांग्रेसी पार्षदों के नाम पीछे कर दिए गए हें। जबकि होना ये चाहिए था कि वार्ड अनुसार नाम आना चाहिए थे, लेकिन यहां भी हमारे साथ दुर्व्यवहार किया गया है। इस पर वहां पहुंचे नपा उपाध्यक्ष संतोष जोशी ने कहा कि अभी काम पूरा नहीं हुआ है। अभी फ्लैक्स बनाए जा रहे हैं उसमें सभी के फोटो चस्पा किए जाएंगे। आप लोग नाराज न हो सभी का ध्यान रखा जाएगा। जिसके बाद मामला शांत हुआ।
वाहन स्टैंड में भी लगाया मनमानी का आरोप
मेले के लिए दिए जाने वाले वाहन स्टैंड को लेकर भी कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति ली और कहा कि बिना विज्ञप्ति जारी किए अपने चहेते को ठेका दे दिया गया है। जिसे यह ठेका दिया गया है उसे 10 प्रतिशत रेट बढ़ाकर दे दिया गया है। जबकि एक अन्य व्यक्ति भी 25 प्रतिशत रेट बढ़ाकर ठेका लेना चाहता था लेकिन उसे न देते हुए यहां मनमानी की गई है। इस पर नपाध्यक्ष और सीएमओ अशफाक खान ने कहा कि कोई मनमानी नहीं की गई है। पीआईसी की बैठक में यह स्वीकृति के बाद ही तय किया गया था।
बस ऑपरेटरों ने भी जताया विरोध, लगाए मुर्दाबाद के नारे
मेले के आयोजन के लिए कुछ दिनो पहले नपाध्यक्ष सहित पार्षदों ने मेला ग्राउंड का निरीक्षण किया था। तब विचार किया गया था कि बस स्टैंड को या तो स्टेडियम ग्राउंड पर या फिर टंकी चौराहा स्थित कृषि उपज मंडी से संचालित किया जा सकता है। इसे लेकर सोमवार को बस ऑपरेटर भी नगर पालिका पहुंचे और नपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड का स्थान परिवर्तित न किए जाने की मांग की। बस ऑपरेटरों का कहना था कि हम लोग सभी टैक्स देते हैं ऐसे कैसे स्थान परिवर्तित कर सकते हैं। ऐसे में हमें नुकसान उठाना पड़ेगा। बस ऑपरेटरों ने बताया कि हमारा स्थान परिवर्तित कर रहे हो तो फिर चार्टर्ड बसों का भी स्थान बदला जाए इन्हें क्यों छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर नपा में काफी देर तक हंगामा होता रहा और नपाध्यक्ष से उनकी कहासुनी भी हुई। हालांकि कुछ देर बाद मामला शंात हुआ और तय किया गया कि शाम 7 बजे के बाद कोई भी बस बस स्टैंड पर खड़ी नहीं होगी सभी बसों को डिपो परिसर में ही खड़ा किया जाएगा ताकि यहां आने वाले लोगों के लिए जगह भी बनी रहेगी और बस संचालकों को भी कोई आ