इंदौर जिले के बड़गोंदा थाना क्षेत्र की डोंगरगांव पुलिस चौकी में आदिवासी युवती की मौत को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस बीच पथराव और गोलीबारी की घटना में एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया, वहीं पथराव की घटना में लगभग 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई। है। इसके साथ ही पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील हो चुका है। उधर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने महू की घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इस घटना – के बहाने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जंगल राज है। कांग्रेस विधायक दल ने मौके पर पहुंचकर मृतक युवक के परिजनों से मुलाकात की है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस को संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं करने की नसीहत दी है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भगवंत बिरदे ने बताया कि कविता (22) नाम की एक युवती की करंट लगने से मौत हो गई थी। परिजनों की हत्या की आशंका पर यदुनंदन पिता रामचरण पाटीदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया था और उसे पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया। इस बीच कल शाम परिजन डोंगरगांव पुलिस चौकी शव लेकर पहुंचे और आरोपी को ग्रामीणों के हवाले किए जाने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। एसपी श्री बिरदे ने बताया कि गुस्साएं ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बचाव में पुलिस ने डिफेंस में हवाई फायर किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की ओर से भी फायरिंग की गई थी। इस घटना में भेरूलाल (18) की गोली लगने से मौत हो गई और एक अन्य युवक संजू (संजय) गोली लगने से घायल हो गया। वहीं, पथराव की घटना में लगभग बीस पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना में बड़गोंदा थाना प्रभारी भरतसिंह ठाकुर भी महू पुलिस घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। श्री बिरदे ने बताया कि गोली लगने से मृत युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, वहीं घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मृत युवक को गया। पीडि ग्रामीणों की गोली लगी या पुलिस की यह स्पष्ट नहीं हो सका है। रेप के आरोप की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगी तो धारा बढ़ाई जाएगी। पुलिस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है। वहीं इस घटना की मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
क्या घटनाक्रम हुआ, कैसे बिगड़े हालात
महू में बुधवार रात एक आदिवासी युवती की मौत पर उसके परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाए कि दबंगों ने गैंगरेप के बाद लड़की की हत्या कर दी। गुस्साएं लोगों ने पुलिस चौकी पर पथराव कर दिया। पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़े। लाठीचार्ज ना किया। करीब 25 हवाई फायर भी किए। इसी बवाल में पुलिस फायरिंग में एक आदिवासी युवक की मौत हो गई। एक अन्य युवक के पैर में गोली लगी है। आईजी आर. गुप्ता ने कहा पुलिस ने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 20 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
पीड़ित परिवार को 10 लाख की सहायता-
महू पुलिस ने बताया कि जिस युवक की मौत हुई है, उसकी पहचान 18 वर्षीय भेरूलाल आदिवासी के रूप में हुई है। युवक छोटी जाम का रहने वाला बताया जा रहा है। उसका शव एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़ित परिवार को रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से 10 लाख रुपए की सहायता दी गई है। एक अन्य युवक संजय के पैर में भी गोली लगी है। आरोप है कि यदुनंदन धामनोद, जिला धार से युवती का अपहरण कर ग्राम गवली पलासिया लाया। यहां करंट लगा कर उसकी हत्या कर दी।