Video अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के अंतर्गत विधिक जागरुकता शिविर एवं सम्मान समारोह आयोजित,न्यायाधीशगण ओर कलेक्टर ने किया संबोधित
शाजापुर, 07 मार्च 2023/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अंतराष्ट्रीय महिला सप्ताह 04 मार्च से लेकर 11 मार्च 2023 तक जागरुकता कार्यक्रम जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जा रहा है। इसी श्रंखला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री ललित किशोर के मुख्य आतिथ्य में तथा कलेक्टर श्री दिनेश जैन व सचिव एवं जिला न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राजेन्द्र देवड़ा के विशेष आतिथ्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के अंतर्गत आज 07 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर विधिक जागरूकता शिविर सम्मान समारोह का आयोजन ए.डी.आर. सेन्टर के सभागार सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री ललित किशोर ने अपने उदबोधन में बताया कि महिलाओं में पुरूषों की अपेक्षा सहनशीलता अधिक होती है, महिलाएं किसी बच्चे के जन्म होने पर पहली गुरू होती है जो गुण एक माता अपने बच्चें को देती है वह जीवन भर उसके साथ रहते है। महिलाओं के लिए समाज में बराबरी का हक मिलना चाहिए, किन्तु समाज की भी यह जिम्मेदारी है की वे महिलाओं को आगे बढाने में सहयोग करें। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून बनाएं गए है, किन्तु उनका सद्उपयोग हो इसकी भी जागरूकता होना चाहिए। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथिगण द्वारा समस्त महिला न्यायाधीशगण, महिला अधिवक्तागण, महिला अधिकारी, महिला न्यायिक कर्मचारी व समस्त उपस्थित महिलाओं का सम्मान पुष्पगुच्छ, सम्मान मंजूषा स्मृति चिन्ह व कलम भेंट कर किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री जैन ने उपस्थित सभी महिलाओं को महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है, किन्तु आरक्षण देने मात्र से महिलाओं का विकास संभव नहीं हुआ है। धरातल पर आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं प्रताड़ना का शिकार हो रही है। कई महिलाएं अपने साथ हो रहे अत्याचार के विरूद्ध आवाज नहीं उठा पाती है। कुछ ही मामले न्यायालय तक न्याय के लिए पहुंचते है। महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी भी नहीं है। सर्वप्रथम महिलाओं को उनके अधिकार और उनके कर्तव्य के प्रति जागरूक करना होगा तथा महिलाओं की परिवार एवं समाज में राय को महत्व को देना होगा, तभी समाज का विकास संभव है। इस अवसर पर प्रथम जिला न्यायाधीश शाजापुर श्रीमती नीतूकान्ता वर्मा ने भी कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे तब ऐसा अवसर आयेगा जब महिला दिवस मनाने की आवश्यकता ही नहीं होगी। जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री कमल किशोर श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में समस्त उपस्थित महिलाओं का सम्मान किया गया तथा मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथिगण को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। उपस्थित समस्त महिलाओं व अतिथिगण का आभार व कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री फारूक अहमद सिद्दीकी ने किया। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्री मोहम्मद अजहर व अन्य न्यायाधीशगण तथा महिला एवं बाल विकास से जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री नीलम चौहान, सुश्री नेहा चौहान, श्रीमती नेहा जायसवाल, श्री पंकज दवे, अधिकारीगण व न्यायिक कर्मचारीगण सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर का समस्त स्टाफ उपस्थित था।

