(शाजापुर)
कलेक्टर दिनेश जैन ने, जिला शाजापुर अन्तर्गत जिले में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा बनाये रखने की दृष्टि से प्रतिबंधात्मक आदेश किया जाना आवश्यक है। आगामी त्योहारो होली, नवरात्रि आदि को देखते हुए सोशल साईटरा, व्हाट्स ऐप, फेसबुक, ईन्द्रागाग, टिवटर, सोशल मीडिया पर तरह तरह के आपत्तिजनक संदेश, चित्रो, विडियो एवं ऑडियो संदेश का प्रसार किये जाने की संभावना होने से शांति व्यवस्था के लिये प्रतिकूल स्थितिया निर्मित हो सकती है।
जारी आदेश के अनुसार उल्लेख किया है।
अतः मैं दिनेश जैन जिला दण्डाधिकारी शाजापुर, लोक हित आम जनता की सुविधा, सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत शाजापुर जिले की संपूर्ण सीमाक्षेत्र में निम्नानुसार आदेश पारित करता हूँ
01- वाट्सअप, फेसबुक यूजर ईन्ट्रागाम, टिवटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोई ऐसा आपत्तिजनक पोस्ट जिससे धार्मिक भावना भड़के एवं साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो, ऐसे पोस्ट को प्रसारित करना प्रतिबंधित किया जाता है।
02वाट्सअप ग्रुप एडमिन तथा ग्रुप से जुड़े यूजर आगामी यहारो होली, नवरात्रि आदि पर / धार्मिक भावना भड़काने वाले पोस्ट को प्रसारित न करें एवं ग्रुप के यूजर को ऐसा करने से रोकें, ग्रुप एडमिन वाट्सएम / फेसबुक एवं अन्य बनाये गये ग्रुप का मुखिया होता है, यदि उसके ग्रुप के कोई भी सदस्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला अथवा सदेश / फोटो / विडियों डालता है तो ग्रुप एडमिन की जवाबदारी होगी।
03किसी भी धर्म सम्प्रदाय के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी या चित्र फारवर्ड करना प्रतिबंधित किया जाता है।
04सोशल मिडिया पर आये संदेश कई बार षंडयंत्र के तहत् भेजे जाते है, इन पर कोई भी प्रतिक्रिया देने के पूर्व इनकी सत्यता की जाँच करने का प्रयास करें। असत्याप्रति संदेशो पर कोई प्रतिक्रिया न की जावे।
चुंकि यह आदेश साम्प्रदायिक पृष्ठभूमि को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा तथा सामान्य जन की सुरक्षा की दृष्टि से जारी किया गया है एवं परिस्थितिवश इतना समय उपलब्ध नहीं है कि संबंधित जन सामान्य व्यक्ति या समूह को इस संबंध में सूचना की जा सके।
अतः यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के अन्तर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया जाता है। इस आदेश से व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अन्तर्गत अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। आदेश का निर्वहन सामान्य जन एवं संबंधितो को व्यक्तिशः करया जाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिती में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 134 (2) के अन्तर्गत जन सम्पर्क विभाग को निर्देशित किया जाता है कि आदेश का समाचार के रूप में समाचार पत्रों में तथा रेडियो एवं दूरदर्शन पर जन / सामान्य / संबंधितो को उक्त आदेश से अवगत कराया जावें संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी भी इस आदेश से सामान्य जन एवं संबंधितो को अवगत करावें । यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो वह भारतीय दण्ड संहिता 1860 की
धारा 188 के अन्तर्गत अभियोजन के लिये उत्तरदायी होगा।
यह आदेश आज दिनांक 06.03.2023 को मेरे हस्ताक्षर एवं न्यायालयीन मुद्रा से जारी किया गया। उक्त आदेश दिनांक 06.03.2023 से आग्रामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। “”